बुधवार, 23 जून 2010

बल्‍ले से गेंद को पीटना एक बडा काम है...

बल्ले से गेंद को पीटना
एक बडा काम है
और उसे पीटते रहना
बहुत बडा काम
और उसे लगातार पीटते रहना
महान काम है

बीच बीच में अगर देश
पिट भी जाए
फिर भी लगातार पीटते रहना तो
महा महान काम है

गेंद को बल्ले से पीटे जाते देखना
अच्छा काम है
और उसे पीटे जाते निहारना
खूबसूरत काम है
और उसे देखते रहना अंत तक अनिमेष
तो साधना ही है एक
जिसके लिए दर्शकों को
बम्हर्षि की उपाधि
दी ही जानी चाहिए

गेंद को द्रविड पीटे तो
देश का नाम होता है
और उसे सिंह पीटे तो
बडा नाम होता है
पर अगर उसे पंडत पीटे
तब तो महो महो.........

1 टिप्पणी:

आनन्‍द पाण्‍डेय ने कहा…

प्रसंसार्ह:

शोभनम्

http://sanskrit-jeevan.blogspot.com/

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