बुधवार, 7 जुलाई 2010

आदमियत - मैं हवा को पहनकर सोना चाहता हूं

मैं

हवा को पहनकर
सोना

और

धूप को पहनकर
जागना चाहता हूं

यह
एक आदिम ईच्‍छा है

इस ईच्‍छा पर
नियंत्रण का नाम है

आदमियत...

फेशबुक - एक आत्‍मालोचना

अपना चेहरा उठाए खडे हैं हम बारहा मुकाबिल आपके अब आंखें हैं पर द़ष्टि नहीं है मन हैं पर उसकी उडान की बोर्ड से कंपूटर स्‍क्रीन तक है...